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हत्या की अनसुलझी घटनाएं: जो अब तक बनी हुई हैं वाराणसी पुलिस के लिए पहेली, बदलते गए विवेचक

Fri, 16 Sep 2022 03:00 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी पुलिस की फाइलों में अभी भी हत्या की कई घटनाएं दबी हुई हैं। 
तीन साल पहले बीएचयू में चाय विक्रेता रामजतन उर्फ रामू की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। लंका पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी कि आखिर किन वजहों से रामू की हत्या की गई।
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death demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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तीन साल पहले बीएचयू में चाय विक्रेता रामजतन उर्फ रामू की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। लंका पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी कि आखिर किन वजहों से रामू की हत्या की गई। इस दौरान विवेचक भी कई बदले और मुकदमे की फाइल पर अब धूल भी चढ़ गई है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में तह तक तफ्तीश हुई, अब भी तफ्तीश जारी है। वहीं, सात फरवरी 2021 को सामनेघाट स्थित ज्ञान प्रवाह के पास बोरे में 25 वर्षीय युवती का शव मिला।
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पुलिस ने तफ्तीश में पाया कि हत्या कहीं और करके शव यहां ठिकाने लगाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी कि युवती की गला दबाकर हत्या की गई थी। आसपास मार्गों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। पुलिस अब तक पता नहीं कर सकी कि महिला कहां की थी और उसकी हत्या किसने की। कमिश्नरेट पुलिस के उच्चाधिकारी भी इस मामले में अब शंट हो गए हैं, जोन और सर्किल के अफसर भी इन केस के बारे में कोई अपडेट थाना स्तर से नहीं लेते। इस वजह से थाना प्रभारी और विवेचक भी दूसरे मुकदमों में उलझे रहते हैं और इन दो वारदातों के कातिल खुले घूम रहे हैं।

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस - फोटो : अमर उजाला
केस-एक
23 सितंबर 2019 की रात बीएचयू परिसर में चाय की दुकान चलाने वाले रामजतन साहनी उर्फ रामू (55) की चारपाई पर सोते समय सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी।
शुरूआती तफ्तीश में सामने आया था कि दुकान खाली कराने को लेकर मनबढ़ों से रामू की टकराहट चल रही थी। मगर, गिरफ्तारी तो दूर पुलिस अब तक यह पता नहीं
कर सकी कि कातिल कौन है।
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मृत्यु - फोटो : istock
केस-दो
सामनेघाट स्थित ज्ञान प्रवाह के पास नाले में सात फरवरी 2021 को बोरे में युवती का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। विवेचकों ने कई बार घटनास्थल का सीन क्रिएशन किया। मार्ग पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला लेकिन कातिलों तक पहुंच न सकी। अब फाइल पर धूल भी चढ़ गई है।
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