बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से भेदभाव के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पहले धरना-प्रदर्शन, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से शिकायत के बाद अब शहर भर में कुलपति के विरोध का पोस्टर चस्पा किया जा रहा है। करीब बीस से अधिक छात्रों की टीम इस कार्य में देर रात तक पोस्टर चस्पा करने में लगी रही।
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शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे बैनर
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बृहस्पतिवार देर रात एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों पोस्टर बीएचयू सिंह द्वार के सामने लंका चौराहे से भगवानपुर, मंडुवाडीह, सामनेघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, रविंद्रपुरी आदि इलाकों में पोस्टर चस्पा कराए गए।
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गंगा घाट पर लगे बैनर
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इसमें कुलपति को हिंदी विरोधी बताते हुए इस्तीफे की मांग की गई। पोस्टर के चित्र में एक हाथ में कुलपति को इंग्लिश मीडियम के स्टूडेंट को पकडे़ दिखाया गया है तो दूसरे में इंग्लिश वनली लिखा गया है।
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शहर के विभिन्न हिस्से में लगे पोस्टर
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पोस्टर में कुलपति के पैर के नीचे हिंदी भाषी अभ्यर्थी का चित्र बनाया गया है। पोस्टर चस्पा कर सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई।
विवि विरोधी कुछ नकरात्मक विचार वाले लोग पोस्टर, होर्डिंग्स लगाकर बीएचयू को बदनाम कर रहे है, जो गलत है। बीएचयू में नियुक्तियां यूजीसी और सरकार के नियमानुसार हुई हैं। डॉक्टर राजेश सिंह,पीआरओ