मऊ के घोसी कोतवाली क्षेत्र के पूरा पार गांव में कमरे की दीवार में खिड़की खोलने के विवाद में चाचा ने हथौड़े से अपने सगे भतीजे के सिर में प्रहार कर दिया। दो दिनों तक एक नीजी अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते हुए 14 वर्षीय घायल किशोर की बुधवार की शाम को मौत हो गई। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर आरोपी चाचा, उसकी पत्नी और दो बेटियों सहित छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है।
पूनापार निवासी भरत चौहान और नागेंद्र चौहान सगे भाई हैं। एक ही मकान में उनके हिस्से में अगल बगल कमरे हैं। 26 जुलाई को नागेंद्र का बेटा राम करन एक कमरे में अंधेरा होने के चलते खिड़की खोल रहा था। इसी बीच उसका चाचा भरत चौहान ने आकर राम करन के हाथ से हथौड़ा छीनकर उसके सिर पर दे मारा। हमले से राम करन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आनन फानन घोसी सीएचसी पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
परिवारवालों ने राम करन को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार शाम को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए मृतक का शव कब्जे में ले लिया है। उधर, मृतक की मां दुर्गा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी चाचा भरत चौहान, उसकी पत्नी ममता और बेटियों रंजना, काजल और हंसा तथा श्यामदेव के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी चाचा भरत को गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में कोतवाल संजीव कुमार दुबे का कहना है कि आपसी विवाद में भरत ने राम करन के सिर में प्रहार कर दिया जिससे दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।