डॉ. सिंह ने बताया कि इस स्टेडियम के तैयार हो जाने से यूपी कॉलेज के सैकड़ों और वरुणापार के हजारों प्रतिभावान खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा। यह एस्ट्रो टर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर और मानकों पर बना है। स्टेडियम के बाहर जगह कम होने के कारण पैवेलियन छोटा कर दिया गया है। सालभर में 100 से ज्यादा खिलाड़ी यहां से निकलकर नेशनल खेलते हैं। यूपी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डीके सिंह ने कहा कि हॉकी के नए खिलाड़ी तैयार होंगे।