श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय के अनुसार हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति और उसकी गति पर आधारित होते हैं। अधिकमास ज्येष्ठ में शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य होंगे। जबकि अधिकमास वाले में नहीं होंगे। बैशाख पूर्णिमा एक मई को है। दो मई से ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष 17 मई से है, जो अधिकमास में आएगा और 15 जून तक रहेगा। इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष लग जाएगा, जो 29 जून ज्येष्ठ पूर्णिमा तक रहेगा।
11 साल बाद फिर ज्येष्ठ मास में अधिकमास
ज्योतिषीय गणना में पुरुषोत्तम मास चक्र चलते रहते हैं। हर तीन साल पर एक मास बढ़ जाता है, जो अधिकमास में आता है और वह साल 13 माह का होता है। अधिकमास जिस महीने से शुरू होता है, वह दो महीने का हो जाता है। अगले 11 साल यानी 2037 में दोबारा ज्येष्ठ मास में अधिक मास आएगा। जबकि पिछले करीब 40 वर्षों में 1988, 1999, 2007, 2017 ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ चुके हैं। अगला अधिकमास 2029 में चैत्र मास, 2031 में भाद्र मास, 2034 में आषाढ़ मास में पड़ेगा।