काशी पुराधिपति के धाम के भव्य निर्माण के लिए दो कंपनियों ने ही टेकनिकल बिड में आवेदन किया। बिड की जांच के बाद फाइनेंसियल बिड के आधार पर काम के लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। कंपनियों के तकनीकी निविदा की जांच अधिकारियों व विशेषज्ञों द्वारा कराई जा रही है। इसके पहले प्री बिड में चार कंपनियों ने आवेदन किया था।
मंदिर की निविदा की शर्तों को देखते हुए दो कंपनियों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि अहमदाबाद की कंपनी को ही काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की जिम्मेदारी मिल सकती है। शनिवार को वरुणापुल स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय में काशी विश्वनाथ धाम की टेकिभनकल बिड को खोला गया।
इसमें दिल्ली की शापूर्जी इंजीनियरिंग कंपनी और अहमदाबाद की पीएपी प्रोजेक्ट लिमिटेड ने आवेदन किया गया है। धाम की निविदा शर्तों के अनुसार 18 महीने के अंदर ही निर्माण कार्य को पूरा करना है। तय समय में काम पूरा नहीं करने पर कंपनी पर कुल लागत के 10 फीसदी के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
पांच से छह दिनों के अंदर फाइनेंशियल बिड पर भी निर्णय हो जाएगा। बता दें कि प्री बिड के लिए टेंडर डालने वाली कंपनियों में दिल्ली की शापूर्जी इंजीनियरिंग कंपनी, अहमदाबाद की पीएपी प्रोजेक्ट लिमिटेड, हैदराबाद की रैंकी व मुंबई की कार्वी कंस्ट्रक्शन कंपनी शामिल थीं। 320 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले काशी विश्वनाथ धाम के लिए शासन ने सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के अनुसार टेकिभनकल बिड की जांच की जा रही है। मानकों पर खरा उतरने के बाद कंपनियों के फाइनेंशियल बिड की जांच की जाएगी। इसमें जो कंपनी सर्वोत्तम होगी, उसको ही काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।