चर्चित भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश कशेरा हत्याकांड मामले में आरोपी शिवदयाल सिंह और अमित पाठक को वाराणसी में विशेष न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए गुरुवार को बरी कर दिया। एक अन्य आरोपी पूर्व पार्षद संजय सिंह डॉक्टर की मौत हो गई है। घटना के सत्रह साल बाद मामले में अहम फैसला आया है।
आरोपी के अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह और अनुज यादव के मुताबिक वादी विष्णु प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज कराई कि उनका छोटा भाई भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश कशेरा 8 दिसंबर 2004 को भाजपा की मीटिंग में गया था। रात में उसके भाई को गोली मार दी गई। बीएचयू अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मामले की विवेचना सीबीसीआईडी ने की और कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण में राधाकृष्ण मंदिर के किरायेदारी विवाद में हत्या की रंजिश बताई गई अदालत में आरोप सिद्ध नही होने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया।