Varanasi News: गाड़ियां खराब होने से वाराणसी की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। कई इलाकों में सही तरीके से कूड़ों का उठान नहीं हो रहा है। खराबी की सूचना सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के पास आती है। यहां से एक पत्र परिवहन को भेजा जाता है। 10 दिन पहले 20 गाड़ियों के लिए पत्र भेजा गया था।
नगर निगम के दो अधिकारियों की आपसी खींचतान से नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे नगर निगम की 20 खराब गाड़ियों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। पिछले दिनों वेतन भुगतान के चक्कर में हुई एक दिन की हड़ताल के बाद जब दूसरे दिन कूड़ा उठाया गया तो उस दिन कम गाड़ियों के चलते कूड़ा उठान में दिक्कत आई थी।
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शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के पास है। सफाई कार्य में लगी गाड़ियों का संचालन परिवहन विभाग के पास है। गाड़ियों में खराबी की पहली सूचना स्वास्थ्य विभाग के पास आती है। विभाग की ओर से गाड़ियों की मरम्मत के लिए पत्र परिवहन विभाग के पास भेजा जाता है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक 20 गाड़ियों को बनवाने के लिए 10 दिन पहले पत्र भेजा गया है। लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है। वहीं, परिवहन विभाग के विभागाध्यक्ष के मुताबिक हर महीने 10 प्रतिशत गाड़ियों में खराबी आती रहती है। इस बार भी वाहनों को मरम्मत के लिए भेजा गया है।
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बोले अधिकारी
कूड़ा उठान की 20 गाड़ियां खराब होने की जानकारी लगभग 10 दिन पहले परिवहन विभाग को दी गई थी। अब तक गाड़ियों की मरम्मत नहीं हो पाई है। कूड़ा उठान के लिए दूसरी गाड़ियों के फेरे को बढ़ाया गया है। - डॉ. पीके शर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
नगर निगम के पास 221 वाहन हैं। इनमें से 20 वाहन खराब हैं। इनको मरम्मत के लिए वर्कशाॅप भेजा गया है। मरम्मत होने के बाद गाड़ियां दे दी जाएंगी। हर महीने दस प्रतिशत वाहनों में छोटी-मोटी खराबी आती रहती है। - एके सक्सेना, अधिशासी अभियंता, परिवहन प्रभारी