अब भी टीबी को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों को दूर करने और क्षय रोगियों का मनोबल बढ़ाने के लिए जनपद में टीबी चैंपियन अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। टीबी चैंपियन धनंजय कुमार ने बताया कि खुद को टीबी होने के बाद उन्होंने नियमित और पूरी दवा का सेवन करने के साथ ही पोषण युक्त खानपान से टीबी को मात दी। अब टीबी मरीजों की मदद भी कर रहे हैं।