साड़ी फिनिशिंग कारखाने में लगी आग
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लगभग आधे घंटे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मृतक परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। डीसीपी काशी आरएस गौतम, एडीसीपी राजेश पांडेय ने फोरेंसिक टीम संग छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बीते हफ्ते सिगरा स्थित अन्नपूर्णा ग्रैंड्योर अपार्टमेंट में लगी भीषण आग मामले की जांच चल ही रही थी कि आज कमच्छा इलाके में उससे भी बड़ी और दर्दनाक घटना घट गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले आग पर काबू पा लिया नहीं तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने संकरी गली में स्थित मकान के हॉल में पानी डाल कर आग बुझाई और गैस सिलिंडर को बाहर सुरक्षित निकाल लिया। आग किसी और घर में नहीं पहुंची। संकरी गली में आमने-सामने कई घर हैं। कमरे में मौजूद चारों व्यक्तियों की मौत आग बुझने से पहले ही हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर शोक जताया है।
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार अशफाक नगर के जिस दो मंजिला मकान के भूतल में आग लगी, उसे गोदाम बनाया ही नहीं जा सकता था। बावजूद साड़ी फिनिशिंग का काम किया जा रहा था, यह बेहद ही सावधानी पूर्वक काम होता है। जरा सी भी चिंगारी बड़ी आग में बदल जाती है।
वहीं मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि यहां अधिकतर मकानों में साड़ी व अन्य सामानों के गोदाम बनाए गए हैं। इन मकानों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। संकरी गलियों में यदि आग लगती है तो अग्निशमन की गाड़ियों को पहुंचने में काफी देर होती है।
भेलूपुर पुलिस के अनुसार अशफाक नगर निवासी सिराज अपने परिवार संग कर्नाटक में रहता है। इस गली में रहने वाले अधिकतर लोग मकान को किराये पर देकर बंगलूरू और सूरत में बस गए हैं। सिराज के दो मंजिला मकान के भूतल में साड़ी फिनिशिंग काम करने वाले आरिफ जमाल के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और दो बेटे हैं। बड़े बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा शाबान अपने पिता आरिफ के साथ काम धंधे में हाथ बंटाता था। घटना के बाद से परिवार में मातम का माहौल है।