Varanasi News: संशोधन के बाद भी 104 वर्गफीट क्षेत्रफल वाली दुकानों का मासिक दर मात्र 2125 रुपये प्रति माह है। किराये की गणना रेलवे बोर्ड के दिशानिर्देश पर आधारित है, जो पूरे भारतीय रेलवे पर लागू होती है।
वाराणसी के बरेका गुमटी मार्केट की दुकानों का किराया वृद्धि के बाबत निष्कर्ष नहीं निकलने पर व्यापारियों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। बरेका प्रशासन के खिलाफ व्यापारियों ने सुबह धरना प्रदर्शन किया। प्रशासनिक कार्यालय के बाहर व्यापारियों को आरपीएफ और बरेका चौकी पुलिस ने किसी तरह समझाया बुझाया। महाप्रबंधक से व्यापारियों की वार्ता भी असफल रही। व्यापारी अब आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं।
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वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि व्यापारियों के साथ बरेका प्रशासन न्याय नहीं कर रहा है। बरेका व्यापार मंडल की संरक्षिका योगिता तिवारी ने कहा कि रेलवे बोर्ड की गाइड लाइन में ऐसा कोई आदेश नहीं है, जिसका हवाला देकर एक साथ 400 प्रतिशत किराये में वृद्धि कर दी गई। अखिलेश पाठक, राजेश सिंह, रमेश सिंह, प्रिया अग्रवाल, मनीष गुप्ता, संजय निरंकारी, सोनी खान, विश्वनाथ दूबे मौजूद रहे।
104 वर्गफीट क्षेत्रफल वाली दुकानों का मासिक दर मात्र 2125 रुपये प्रति माह
बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पहले बरेका गुमटी मार्केट दुकानों के किराये की गणना आधार 1986 भूमि सर्किल दर के अनुसार की जा रही थी। वर्तमान में दुकानों के दर की गणना 2022 में रेलवे भूमि के प्रबंधन के लिए जारी मास्टर सर्कुलर के दिशानिर्देश अनुसार है।
मास्टर सर्कुलर के अनुसार दुकानों के दर की गणना के लिए आधार वर्ष 2019-20 के भूमि सर्किल रेट के अनुसार किया जाना है।