गुस्साए लोगों ने ट्रैक्टर में लगा दी आग, शव रखकर सड़क पर लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
सारनाथ के सारंग तालाब स्थित तपोवन आश्रम के सामने रविवार को बालू लादे छोटे ट्रैक्टर की टक्कर से साइकिल सवार समीर सोनकर (14) की मौत हो गई। वहीं, साइकिल पर पीछे बैठा पंडित बिंद (11) गंभीर रूप से घायल हो गया। गुस्साए लोगों ने ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी और चालक की जमकर पिटाई करने के बाद सारंग चौराहा पर शव रख कर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर सारनाथ सहित छह थानों की फोर्स मौके पर पहुंची लेकिन गुस्साए लोग उनकी एक ना सुनने को तैयार थे। सभी की मांग थी कि पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा, आरोपी चालक के साथ ही ट्रैक्टर मालिक पर कार्रवाई और क्षेत्र में अवैध तरीके से ट्रैक्टरों का संचालन बंद कराया जाए।
इस दौरान जाम लगाए लोगों और पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक हुई। एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने आश्वस्त किया कि पीड़िता परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी, तब जाकर दो घंटे बाद शाम साढ़े छह बजे जाम खुला और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सारनाथ थाना अंतर्गत तपोवन आश्रम के समीप रहने वाले जवाहिर सोनकर के दो बेटों और एक बेटी में सबसे बड़ा समीर चार बजे के लगभग साइकिल पर पंडित को बैठा कर सारंग चौराहा की ओर जा रहा था। इसी दौरान तपोवन आश्रम के सामने समीर की साइकिल पर पीछे से बालू लदे ट्रैक्टर ने टक्कर मारी तो वे और पंडित सड़क पर गिर पड़े।
इसके बाद समीर और पंडित को कुचलते हुए ट्रैक्टर आगे बढ़ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पीछा कर ट्रैक्टर को रोका और चालक को जमकर पिटाई की। हादसे में समीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पंडित को दीनदयाल अस्पताल मेें भर्ती कराया गया।
ढाई घंटे तक दो मार्गों पर वाहनों की लगी रही लंबी कतार
गुस्साए लोगों ने ट्रैक्टर में लगा दी आग
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सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पिटाई से घायल बघवा नाला निवासी चालक लाल बाबू सरोज को अस्पताल ले जाने लगी तो गुस्साए लोग जीप का घेराव कर सड़क पर लेट गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने लाल बाबू को दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी भी हालत गंभीर बताई गई है।
उधर, हादसे में समीर की मौत की जानकारी मिलने पर जवाहिर और उसकी पत्नी किरण देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। इस संबंध में इंस्पेक्टर सारनाथ ने बताया कि चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस अभिरक्षा में उसका उपचार कराया जा रहा है।
हादसे में समीर की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने सारंग चौराहा पर उसका शव रखकर जाम लगा दिया था। इस वजह से पांडेयपुर से पंचक्रोशी मार्ग और सारंग तालाब से पहड़िया मार्ग पर चार बजे से साढ़े छह बजे तक वाहनों की लंबी कतार लग रही।
जाम खत्म हुआ तो वाहनों के जल्दी आगे निकलने की होड़ में एक बार फिर भीषण जाम लग गया। शाम सवा सात बजे के लगभग आवागमन सामान्य हुआ और तब जाकर राहगीरों के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने भी राहत की सांस ली।