शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया इस्लाम में रमजान का रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज किया गया है। इसे बेवजह नहीं छोड़ा जा सकता। बताया कि रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला 10 दिन रहमत का, दूसरा दस दिन मगफिरत का और आखिरी 10 दिन जहन्नम से आजादी का है। इस माह में अल्लाह तआला बंदों का खास रहमत फरमाता है। यही वजह है कि इस माह में एक फर्ज का सवाब सत्तर फर्ज के बराबर और एक नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर मिलता है।
मुफ्ती हारून रशीन नक्शबंदी ने कहा कि 11 मार्च को रमजान के चांद के नजर आने की संभावना है। चांद नजर आया तो मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएगी और पहला रोजा 12 मार्च से शुरू होगा।
सबसे कम तीन दिन की होगी तरावीह
रमजान का चांद दिखते ही रात से विशेष नमाज तरावीह की शुरुआत होगी। यह नमाज हर मस्जिदों में हाफिजे कुरान अदा कराएंगे। सबसे कम दिन तीन दिन की तरावीह होगी। इसके अलावा पांच दिन, सात दिन, 10 दिन और 15 दिनों में भी तरावीह में कुरान मुकम्मल होगा। कई मस्जिदों में पूरे माह भी तरावीह मुकम्मल होती है। जहां तरावीह मुकम्मल हो जाएगी वहां सूरह तरावीह जारी रहेगी।