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Ramadan 2024: नजर आया रमजान का चांद, मंगलवार को रखा जाएगा पहला रोजा; लोगों ने एक-दूसरे को दी मुबारकबाद

Mon, 11 Mar 2024 08:49 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Ramadan 2024: बच्चे इसे लेकर उत्साहित रहे। जहां पुरुष विशेष नमाज तरावीह को लेकर चर्चा करते रहे तो वहीं घरों में महिलाएं भी इबादत के साथ ही सहरी और इफ्तार को लेकर चर्चाओं में मशगूल रहीं। इलाकों में लोग नमाज की तैयारियों के तहत कुर्ता पाजामा, लुंगी और टोपी की खरीदारी भी की। जबकि मस्जिदों में भी तरावीह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा।
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चांद का दीदार करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अल्लाह की इबादत का मुकद्दस महीना रमजान चांद के दीदार के साथ शुरू हो गया। सोमवार को चांद नजर का दीदार हुआ। 12 मार्च को मुसलमान पहला रोजा रखेंगे। इस साल का पहला रोजा सबसे छोटा और आखिरी सबसे लंबा होगा। 

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इस साल पहला रोजा सबसे छोटा करीब 13 घंटे 20 मिनट और आखिरी रोजा सबसे लंबा 14 घंटा 08 मिनट का होगा। रमजान को लेकर मुस्लिम समुदाय में खुशी का माहौल है। मुस्लिम बहुल इलाकों सरैया, बजरडीहा, मदनपुरा, पीलीकोठी, नई सड़क, दालमंडी, लल्लापुरा, पठानीटोला, सराय हड़हा में चांद को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल रहा।
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बच्चे इसे लेकर उत्साहित रहे। जहां पुरुष विशेष नमाज तरावीह को लेकर चर्चा करते रहे तो वहीं घरों में महिलाएं भी इबादत के साथ ही सहरी और इफ्तार को लेकर चर्चाओं में मशगूल रहीं। इलाकों में लोग नमाज की तैयारियों के तहत कुर्ता पाजामा, लुंगी और टोपी की खरीदारी भी की। जबकि मस्जिदों में भी तरावीह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा।

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रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज

शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया इस्लाम में रमजान का रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज किया गया है। इसे बेवजह नहीं छोड़ा जा सकता। बताया कि रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला 10 दिन रहमत का, दूसरा दस दिन मगफिरत का और आखिरी 10 दिन जहन्नम से आजादी का है। इस माह में अल्लाह तआला बंदों का खास रहमत फरमाता है। यही वजह है कि इस माह में एक फर्ज का सवाब सत्तर फर्ज के बराबर और एक नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर मिलता है।

मुफ्ती हारून रशीन नक्शबंदी ने कहा कि 11 मार्च को रमजान के चांद के नजर आने की संभावना है। चांद नजर आया तो मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएगी और पहला रोजा 12 मार्च से शुरू होगा।

सबसे कम तीन दिन की होगी तरावीह
रमजान का चांद दिखते ही रात से विशेष नमाज तरावीह की शुरुआत होगी। यह नमाज हर मस्जिदों में हाफिजे कुरान अदा कराएंगे। सबसे कम दिन तीन दिन की तरावीह होगी। इसके अलावा पांच दिन, सात दिन, 10 दिन और 15 दिनों में भी तरावीह में कुरान मुकम्मल होगा। कई मस्जिदों में पूरे माह भी तरावीह मुकम्मल होती है। जहां तरावीह मुकम्मल हो जाएगी वहां सूरह तरावीह जारी रहेगी।
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