इस रणनीति के पीछे वजह भी साफ है कि पार्टी सूबे में स्वर्गीय पंडित कमलापति त्रिपाठी के प्रभाव क्षेत्र को सबसे पहले अपना आधार बनाना चाहती है। पार्टी के विस्तार के लिए प्रादेशिक और क्षेत्रीय कार्यालयों के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। साथ साथ सदस्यता अभियान और जिलों में संगठन को आकार देने का सिलसिला भी आरंभ होगा।