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तीन साल में विश्व की सबसे स्वच्छ नदी बनेगी गंगा

Mon, 24 Aug 2015 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने तीन साल में गंगा को दुनिया की सबसे स्वच्छ नदी बनाने का वादा काशीवासियों से किया। उनका कहना था कि अभी गंगा विश्व की 10 सर्वाधिक प्रदूषित नदियों में से एक है लेकिन ये दाग दूर करने की तैयारी पूरी हो गई है।
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 गंगोत्री से गंगासागर तक इस पावन धारा को निर्मल किया जाएगा। उमा भारती रविवार की शाम राजेंद्र प्रसाद घाट स्थित मान महल वेधशाला के सभागार में तीर्थपुरोहितों और नाविकों को संबोधित कर रही थीं।
उमा भारती ने बताया कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और प. बंगाल के बीच गंगा किनारे के शहरों, बस्तियों और उद्योगों को चिह्नित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि गंगा राष्ट्र की जीवन धारा है। इसकी रक्षा के लिए गंगा पर निर्भर लोगों के साथ ही जन-जन को खड़ा होना होगा।
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 अगर गंगा नहीं रहेगी तो मैं नहीं रहूंगी। गंगा सिर्फ घरेलू और औद्योगिक नालों से प्रदूषित हो रही है। ऐसे नालों को रोकने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के चलते कुछ लोग गंगा में नहाने, आचमन करने से हिचकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। गंगा जल अमृत है।
मैं खुद काशी, हरिद्वार में गंगाजल पीती हूं। उन्होंने गंगा में गिरने वाले नालों को बंद करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी। कहा कि वर्ष 2018 की जन्माष्टमी तक गंगा को स्वच्छ कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा निर्मलीकरण के लिए यह सही वक्त है।
काशीवासियों का आशीर्वाद चाहिए, इच्छाशक्ति की बदौलत गंगा निर्मलीकरण अभियान सफलता हासिल करेगा। इसके बाद गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज), हीरानंद पांडेय, संजीव, चंदूलाल समेत दशाश्वमेध कई तीर्थपुरोहितों को दुपट्टा और रुद्राक्ष की माला देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर महापौर रामगोपाल मोहले, तीर्थपुरोहित सभा के मंत्री पं. कन्हैया त्रिपाठी, पं. मनीष नंदन मिश्र, दिलीप तुलस्यानी, गोकुल शर्मा समेत तमाम लोग उपस्थित थे। इसके बाद उमा ने मान मंदिर अखाड़े के पास से गंगा का बढ़ाव भी देखा।
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