काशी हिंदू विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष में होने वाले विशेष दीक्षांत
समारोह में लगभग 12 हजार छात्र-छात्राओं को उपाधियों से नवाजा जाएगा। इसमें
तकरीबन 400 ऐसे मेधावी हैं जिन्हें स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इस बार उपाधि
वितरण में बीएचयू प्रशासन ने कुछ फेरबदल किया है।
विश्वविद्यालय के
एंफीथिएटर ग्राउंड पर 22 फरवरी को होने वाले दीक्षांत के एक दिन बाद
संकायों और विभागों में विद्यार्थियों को डिग्री बांटी जाएगी। दीक्षांत
वाले दिन सिर्फ गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। अभी तक दीक्षांत से एक दिन पहले
छात्र-छात्राओं को डिग्री दे दी जाती थी। माना जा रहा है कि इस बार
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। इसलिए
सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से यह फेरबदल किया गया है।
बीएचयू के
रजिस्ट्रार डॉ. केपी उपाध्याय का कहना है कि दीक्षांत के एक दिन बाद डिग्री
दी जाएगी या फिर उसी दिन दीक्षांत समारोह खत्म होने के बाद संकायों में
वितरण करा दिया जाएगा। सुविधानुसार डिग्री प्रदान कर दी जाएगी जिससे
विद्यार्थियों को परेशानी न हो। इस दीक्षांत में करीब 12 हजार
विद्यार्थियों को उपाधि दी जानी है। दीक्षांत समारोह में बीएचयू के अलावा
महिला महाविद्यालय बीएचयू, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर और इससे संबद्ध कालेज
आर्य महिला पीजी कॉलेज, डीएवी कॉलेज, वीकेएम कमच्छा, बसंता कालेज राजघाट
के विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी।