विश्व रंगमंच दिवस पर काशी में नाट्य आंदोलन की शुरुआत 27 मार्च से होगी। 31 मार्च तक चलने वाले नाट्य आंदोलन में चार नाटकों का मंचन, नाट्य गोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी सेतु सांस्कृतिक केंद्र के अध्यक्ष डॉ. सुनील साह और संयोजक रंगकर्मी सलीम राजा ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में दी।
डॉ. साह ने बताया कि कबीर रोड स्थित श्री श्री रविशंकर योग ध्यान केंद्र सभागार में पहले दिन ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल की बैठक होगी और इसमें रंगमंच की स्थिति पर विचार किया जाएगा। शाम को कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का मंचन होगा। 28 मार्च को आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में शहीद भगत सिंह के जीवन पर आधारित नाटक भगत सिंह और सेतु सांस्कृतिक केंद्र के कलाकारों द्वारा मोह का मंचन होगा। 29 को राम कटोरा स्थित कमला रेजिडेंसी सभागार साह हास्पिटल के सामने बनारस यूथ थिएटर के कलाकार उत्कर्ष उपेंद सहस्रबुद्धे के निर्देशन में पर्दा उठाओ-पर्दा गिराओ का मंचन होगा। 30 को नाट्य गोष्ठी होगी और समापन दिवस पर 31 मार्च को कादीपुर शिवपुर स्थित अशोक मिशन जन नाट्यशाला में युवा नाट्य कलाकारों का सम्मान होगा। दर्शकों का प्रवेश पूर्णत: नि:शुल्क है और कोई भी रंगकर्मी व नाट्य प्रेमी आमंत्रित है।