सीएम अखिलेश यादव भी चाहते हैं कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजों के स्वागत में कोई कोर कसर न रहे। आखिर प्रदेश की इज्जत का सवाल जो है। बौद्ध सर्किट का प्रमुख हिस्सा यूपी में होने के कारण जापानियों का प्रदेश से पुराना और गहरा संबंध है। इसीलिए प्रदेश सरकार स्वागत में सौ से अधिक स्वागत द्वार बनवा रही है।
जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। बाबतपुर एयरपोर्ट से दशाश्वमेध घाट के बीच सूचना विभाग की ओर से 15 स्वागत द्वार और 50 से अधिक होर्डिंग जबकि पर्यटन विभाग की ओर से आठ स्वागत द्वार और एक दर्जन होर्डिंग लगाने की तैयारी है। नगर निगम की ओर से एक दर्जन से अधिक स्वागत द्वार और इससे ज्यादा होर्डिंग लगवाई जा रही है। अन्य सरकारी विभागों की ओर से भी ऐसी तैयारियां की जा रही हैं।
गौरतलब है कि सांसद पत्नी के साथ सीएम अगवानी के लिए खुद मौजूद रहेंगे। प्रदेश सरकार नए साल की शुरुआत में चार से छह जनवरी तक आगरा में पहला यूपी प्रवासी दिवस मनाएगी। इसमें दुनिया भर में बसे उत्तर प्रदेश के लोग शामिल होंगे। जापानी पीएम के आगमन से दुनिया के पर्यटन मानचित्र में काशी को नया उभार मिलेगा। इसके जरिये पूरे उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास की नई संभावनाएं जगेंगी।
यूपी प्रवासी दिवस से महज तीन हफ्ते पहले जापानी पीएम के काशी आने से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी उत्साहित हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से जिला प्रशासन को दो टूक कहा गया है कि तैयारियों में कहीं कोई कसर न रखी जाए। 12 दिसंबर को देश और दुनिया की निगाहें बनारस पर होंगी।
इसलिए इंतजाम ऐसे किए जाएं कि बनारस की छवि जापानी पीएम के साथ ही दुनिया भर में अच्छी बने। इस महत्वपूर्ण दौरे के मद्देनजर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी सांसद डिंपल यादव पीएम के स्वागत से विदाई तक उनके साथ रहेंगे।