एसटीएफ की पूछताछ के दौरान आरोपी अजय कुमार पाठक ने बताया कि वर्ष 2012 में कैंट थाना इलाके से बाइक चोरी में जेल गया था और जमानत पर छूट कर बाहर आने के बाद अपने साथी शेरे पंजाब उर्फ नट, रशीद खां, प्रिंस कन्नौजिया व अरविंद यादव के साथ एक गैंग बनाकर भदोही व वाराणसी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा।
इस दौरान वर्ष-2015 में लूट के मुकदमे में जेल गया, जहां मुलाकात कसपेठी स्थित घोसिला गांव निवासी पंकज सिंह उर्फ राठ से हुई। पंकज सिंह उर्फ राठ ने बताया कि मनीष सिंह उर्फ सोनू बनारस सहित आसपास जिलों के व्यापारियों में काफी खौफ व्याप्त है, यदि मनीष सिंह उर्फ सोनू के नाम से धमकी दी जाए तो काफी रंगदारी मिल सकती है।
पूछताछ के दौरान बदमाश अजय कुमार पाठक ने बताया कि जमानत पर पंकज सिंह उर्फ राठ के साथ छूटा तो वर्चुअल इंटरनेशनल मोबाइल नंबर तैयार किया, जिससे कि धमकी दिए जाने पर उसे कोई पता न कर सके। इसके बाद पंकज सिंह उर्फ राठ ने कुछ व्यापारियों का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इनके पास काफी पैसा है। मनीष सिंह उर्फ सोनू के नाम पर धमकी देने पर तुरंत पैसा दे देंगे।
इंटरनेट काल के जरिए लगभग सात से आठ व्यापारियों से रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी में घोसिला गांव स्थित पेट्रोल पंप संचालक अंकित कुमार सिंह को वीडियो भेजकर दस लाख की रंगदारी मांगी गई। डराने के लिए गोली मारते हुए एक शार्ट वीडियो भी भेजा गया था।