काशी समेत पूर्वांचल के जायरीन के लिए खुशखबरी है। दो साल की रोक के बाद एक बार फिर से जायरीन काशी से काबा की उड़ान भर सकेंगे। एक बार फिर से अस्थायी हज हाउस गुलजार होगा। खिदमतगारों को भी सवाब कमाने का मौका मिलेगा। इस सिलसिले में पत्राचार के बाद कवायद शुरू हो गई है।
सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद अहमद आजमी के मुताबिक उन्होंने काशी से काबा की उड़ान पुन: शुरू कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से पत्राचार किया था। 29 सितंबर 2022 को उन्होंने केंद्रीय हज मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर दोबारा वाराणसी से इंबारकेशन शुरू कराने की मांग की। 11 नवंबर को मिले जवाब में बताया गया कि वाराणसी समेत गया, रांची, जयपुर, भोपाल, चेन्नई, कालीकट, नागपुर और औरंगाबाद से 2023 से फिर काबा की उड़ान शुरू कराई जाएगी।
दरअसल, कोरोना संक्रमण काल में हज हाउस से रवानगी पर रोक लगा दी गई थी। वाराणसी इंबारकेशन को भी बंद कर जायरीन को लखनऊ या दिल्ली एयरपोर्ट से हजयात्रा के लिए रवाना किया गया था। बता दें कि वाराणसी इंबारकेशन से पूर्वांचल के 16 जिलों के जायरीन काशी से काबा के लिए उड़ान भरते रहे हैं। 2022 की हज यात्रा के लिए इन जिलों के जायरीन ने लखनऊ से हजयात्रा पर रवाना हुए थे। लेकिन, अब एक बार फिर वाराणसी से काशी के काबा की उड़ान की तैयारी है।