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सावन में फूल-माला की मांग बढ़ी, भाव सातवें आसमान पर

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सावन के शुरू होते ही फूल, मालाओं की मांग बढ़ गई है। इधर बढ़ती मांग को देखते हुए ही बाजार में इसके दामों में भी तेजी से उछाल आया है। शहर की दो मंडियों में एक दिन में ही 25 से 26 लाख रुपये तक का कारोबार हुआ। इधर, कोरोना काल में लंबे समय बाद हुई बिक्री से किसान भी खुश हैं। उनका मानना है कि सावन चलने तक फूल-माला का अच्छा कारोबार देखने को मिल सकता है।
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काशी में मलदहिया, बांसफांटक में फूल, माला की मंडी लगती है। सावन में फूलों और मालाओं की मांग बढ़ जाती है। यहां इनकी खपत बढ़ने से बाजार में भाव भी चढ़ गए हैं। आम दिनों में जहां चार से पांच लाख का कारोबार होता था। सोमवार को इसमें पांच से छह गुना की बढ़ोत्तरी हुई। दोनों मंडियों को मिलाकर सोमवार को ही 25 से 26 लाख तक का कारोबार हो गया है। दोनों मंडियों में भोलेनाथ को सबसे पसंदीदा बेलपत्र, मदार, गुलाब और कमल का फूल व अन्य प्रकार के फूलों और मालों के दाम की मांग अधिक रही।
इधर, सोमवार को सुबह से ही मंडियों में किसानों और खरीदारों की भारी भीड़ दिखाई दी। जहां पहले गेंदे का गजरा 12 से 15 रुपये में बिकता था। उसका दाम बढ़कर 20 से 25 रुपये हो गया। वहीं 30 से 40 रुपये के भाव से बिकने वाला बेलपत्र 80 से 90 रुपये किलोग्राम बिका है। कमल का फूल पहले पांच से सात सौ रुपये सैकड़ा मिलता था, जो सावन में 1500 से दो हजार रुपये सैकड़ा हो गया। गुलाब के फूल के भाव में भी उछाल आ गया। पहले चार से पांच सौ रुपये सैकड़े बिकने वाले गुलाब आठ से नौ सौ रुपये सैकड़े बिक रहे हैं। मलदहिया फूल मंडी संचालक विशाल दुबे ने बताया कि फूल मालों की बिक्री में इस समय उछाल आया है। किसानों और ग्राहकों की संख्या मंडी में बढ़ गई है।
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80 रुपये लीटर दूध, 150 रुपये में बिकी दही
सावन के पहले सोमवार को दूध और दही का भाव भी चढ़ा रहा। शहर में पांडेयपुर, इंग्लिशिया लाइन, गोदौलिया में लगने वाली दूध मंडी में सोमवार को दूध जहां 75 से 80 रुपये लीटर बिका वहीं दही 130 से 150 रुपये प्रतिकिलो की दर से बेची गई। सोमवार को जैसे ही दूध की सट्टियां खुलीं वैसे ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। दूध कारोबारियों ने बताया कि सावन में दूध और दही की मांग बढ़ जाती है। अब सावन भर भाव की यही स्थिति बनी रहेगी। मांग के हिसाब से मंडी में दूध की आवक कम होने से भाव तेज हो जाता है।
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