अमर बहादुर की मौत के बाद रोते-बिलखते परिवार के लोग।
कपसेठी पुलिस की अभिरक्षा में पेश पर ले जाते समय घायल हुए आरोपी गजेपुर निवासी अमरबहादुर राम (26) की बुधवार को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर मेें उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे आक्रोशित अमर बहादुर के परिवार और गांव के लोगों ने वाराणसी-भदोही मार्ग पर तक्खू की बावली बाजार में चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि पुलिस की पिटाई के चलते अमर बहादुर की मौत हुई है। पुलिसकर्मियों के निलंबन और पांच लाख रुपये मुआवजा की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए और एक बजे से शुरू हुआ चक्काजाम साढ़े पांच बजे खत्म हुआ। इस दौरान सड़क पर वाहनों कतारें लगी रहीं।
कपसेठी थाना क्षेत्र के गजेपुर निवासी शंभूराम ने जनवरी में जान से मारने की धमकी देने और झोपड़ी जलाने के आरोप में गांव के अमर बहादुर सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय से वारंट जारी होने पर कपसेठी पुलिस ने सोमवार को अमरबहादुर को घर से गिरफ्तार किया था। उसी दिन रवींद्र राय सहित दो सिपाही मैजिक में अमर बहादुर को बैठाकर न्यायालय के लिए चले। कपसेठी पुलिस के अनुसार तक्खू की बावली बाजार में पहुंचते ही अमरबहादुर अचानक मैजिक से कूद पड़ा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।
अमर बहादुर की मौत की सूचना मिलते ही उसकी मां दुर्गा देवी, पत्नी संगीता के साथ गांव के लोगों ने तक्खू की बावली बाजार में चक्काजाम कर दिया। इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष दीपचंद चौधरी, महेंद्र पांडेय, अरविंद राम भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए मौके पर कपसेठी पुलिस के अलावा जंसा, बड़ागांव और मिर्जामुराद थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। सीओ बड़ागांव अखिलेश सिंह ने बताया कि अमर बहादुर को न्यायालय ले जाते समय सिपाहियों ने लापरवाही बरती थी। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।