अर्दली बाजार बाजार स्थित एल कॉलेज के लाइब्रेरी सभागार में हिंदी हितैषी परिषद की ओर से आयोजित ओम
हिंदी साहित्य में ग्रामीण बोध रचनाशीलता की मजबूत आधार भूमि के रूप में बराबर जीवंत बनी रहेगी। ये बातें सोमवार को जिला लाइब्रेरी सभागार में हिंदी हितैषी परिषद की ओर से आयोजित ओम धीरज के कहानी संग्रह गांव का महाभारत के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने कहीं। मुख्य अतिथि डाॅ. मुक्ता ने कहा कि संग्रह की कहानियां मौजूदा दौर के गांवों की असल तस्वीर उपस्थित करती हैं।
साहित्यभूषण से सम्मानित डॉ. इंदीवर पांडेय ने संग्रह की विशेषताओं को दर्शाते हुए कृति की गंभीर विवेचना की। उन्होंने कहा कि कथा साहित्य इस कृति से समृद्ध हुआ है। डाॅ. श्रद्धानंद ने कहा कि यह कहानी संग्रह कथा संसार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है। डाॅ. राम सुधार सिंह ने कहा ओम धीरज की कहानियां मानवीय संवेदना को बचाए रखने की वकालत करती हैं। नरेंद्र नाथ मिश्र ने संग्रह की कहानियों के कथोपकथन व भाषा शिल्प की सराहना की। अध्यक्षता डॉ. दयानिधि मिश्र ने की। स्वागत डाॅ. कवींद्र नारायण और कथाकार ओम धीरज ने लेखकीय अनुभव साझा किया। संचालन हिमांशु उपाध्याय ने किया। पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. अत्रि भरद्वाज, सुरेंद्र वाजपेयी, छाया शुक्ला, डॉ. अशोक सिंह, शशि कला पांडेय, केशव शरण उपस्थित रहे।