प्रदेश के 46 जिलों के परिषदीय विद्यालय निर्माण कार्य के नाम पर जारी करोड़ों रुपयों का हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। प्रेरणा पोर्टल पर सूचना अपलोड करने के दौरान यह मामला सामने आया है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा सभी को पत्र भेजा गया है। वहीं, वाराणसी में 381 विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, लेकिन विभाग द्वारा व्यय व शेष धन राशी शून्य प्रदर्शित की गई है।
प्रदेश भर के 75 जिलों के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2020-21 में निर्माण कार्य के लिए शासन ने कुल 750 करोड़ रुपये जारी किए थे। राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा प्रेरणा पोर्टल पर पीएमआईएस रिपोर्ट के आधार पर 46 जनपदों द्वारा जारी धनराशि का व्यय शून्य प्रतिशत दिखाया जा रहा है। वहीं, 24 जनपदों में केवल 25 प्रतिशत, तीन जनपदों में 50 व दो जनपदाें में 50 से 75 प्रतिशत धनराशि का व्यय प्रदर्शित किया जा रहा है। 22 जुलाई को जारी इस रिपोर्ट में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने सभी जिलों के बीएसए को पत्र भेजा है।
46 जनपदों में ये भी शामिल
अलीगढ़, आंबेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, इटा, फरुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोड़ा, हाथरस, जौनपुर, कानपुर नगर, कासगंज, ललितपुर, लखनऊ, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मोरादाबाद, पिलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, सहारनपुर, संबल, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, उन्नाव, वाराणसी।
कोट
अभी तक इस मामले की जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा मामला है तो जांच कराकर संबंधित लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- राकेश सिंह, बीएसए