एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि बारिश होने पर निर्माण स्थल पर पानी इकट्ठा हो रहा है। पानी की निकासी के लिए मोटर पंप लगाए गए हैं, जिनसे पानी को तेजी से बाहर निकाला जा रहा है। इसके बाद संबंधित स्थानों पर निर्माण कार्य दोबारा गति पकड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए बारिश के दौरान भी उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है। खुले स्थानों पर काम प्रभावित होने की स्थिति में वर्करों को बिल्डिंग के अंदर के कार्यों में लगाया जा रहा है।
इस समय अंदर के निर्माण कार्य पर ज्यादा काम किया जा रहा है, जिससे बारिश के कारण परियोजना की गति पर कम से कम असर पड़े। एयरपोर्ट पर भविष्य की यात्री सुविधाओं और संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए एक साथ कई बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। ऐसे में निर्माण एजेंसियां बारिश के कारण होने वाली बाधाओं को तत्काल दूर कर काम की गति बनाए रखने में जुटी हैं।