बीएचयू परिसर में क्षतिग्रस्त मंदिर
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बीएचयू परिसर में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जिप्सी से अकेलवा बाबा मंदिर क्षतिग्रस्त होने का मामले में सीरगोवर्धनपुर और छित्तूपुर के ग्रामीणों के साथ छात्रों ने प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण तीन घंटे बाद गुरुवार रात दस बजे बजे शांत हुए।
लोगों का कहना है कि मंदिर को ढहाने की कोशिश की गई है। इस बीच बीएचयू प्रशासन ने मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू करा दिया है। परिसर में पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय परिसर में कला संकाय के पास एंफीथिएटर मैदान के दूसरे गेट के सामने बना अकेलवा बाबा मंदिर ग्राम देवता के नाम से प्रसिद्ध है। बीएचयू की स्थापना से पहले से बना यह मंदिर ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। गुरुवार शाम करीब सात बजे मंदिर के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को हुई, वे मौके पर पहुंच गए। हर कोई कारण जानने में जुट गया।
बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने ग्रामीणों ने जानकारी दी कि तेज गति से बाइक पर जा रहे एक युवक को बचाने को चक्कर में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जिप्सी मंदिर से टकरा गई। इससे मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। जिप्सी भी क्षतिग्रस्त हुई है।
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर का कहना है कि मंदिर के क्षतिग्रस्त होने की घटना की जानकारी नहीं है। चीफ प्रॉक्टर से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने के लिए कहेंगे। किसी भी सूरत में परिसर का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।