बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर भारी भरकम खर्च के बावजूद सुरक्षा मानकों में लग रही सेंधमारी को रोकने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। 31 अगस्त से पहले नमस्ते बीएचयू एप पर छात्र-छात्राओं को इमरजेंसी की स्थिति में एक नए बटन की सुविधा देने की बात की गई है। दावा है कि इस पर क्लिक करते ही सुरक्षाकर्मी उन तक पहुंच जाएंगे। मुश्किल में फंसे छात्र-छात्राओं की रियल टाइम लोकेशन सुरक्षा टीम को मिल जाएगी।
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प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से पेट्रोलिंग और नजदीकी गार्ड तक सूचना भेजकर घटनास्थल पर उन्हें भेजा जाएगा। इस तकनीक के कई ट्रायल भी किए जा चुके हैं। बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय में मंगलवार को इसके मद्देनजर एक बैठक हुई। इसमें आए आईआईटी कानपुर और बीएचयू के तकनीकी सलाहकार प्रो. टीवी प्रभाकरन ने प्रेजेंटेशन दिया।
उन्होंने नमस्ते बीएचयू एप के बटन के इस्तेमाल और सुरक्षा पहुंचने तक की व्यवस्था को लागू करने का तरीका भी समझाया। इस तकनीक को प्रो. प्रभाकरन और कंप्यूटर सेंटर अधिकारियों व कर्मचारियों ने तैयार किया है। कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने 15 अगस्त को ही कहा था कि पूरे कैंपस के 72 अहम स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
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10 करोड़ से ज्यादा होता है खर्च
बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड पिछले कई वर्षों से जूझ रहा है। यहां पर 10 करोड़ से ज्यादा का सालाना खर्च है, बावजूद कैंपस में छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं हो जाती हैं। नमस्ते बीएचयू एप पर ये सुविधा मिल जाती है तो ये बेहतर कदम साबित हो सकता है।