पिछले एक साल से लापता 70 वर्षीय बुजुर्ग को धनतेरस पर सबसे बड़ा उपहार मिल गया। एक साल बाद बेटे को पिता और पोते को दादा के मिलने पर परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं था। परिवार के मिलने के बाद उन्होंने संस्था का आभार जताया है।
चेहरे पर अपनों से मिलने की खुशी, आंखों से बहते खुशी के आंसू...। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को सामनेघाट स्थित वाराणसी के अपना घर आश्रम संस्था का रहा। त्योहार पर किसी अपने को आंखों के सामने सालों बाद देखने पर जो खुशी होती है, वो कोई दुलारचंद व उसके परिवार से पूछे। पिछले एक साल से लापता 70 वर्षीय बुजुर्ग को धनतेरस पर सबसे बड़ा उपहार मिल गया। एक साल बाद बेटे को पिता और पोते को दादा के मिलने पर परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं था। परिवार के मिलने के बाद उन्होंने संस्था का आभार जताया है।
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दरअसल सासाराम बिहार निवासी दुलारचंद मानसिक रूप से बीमार हैं। बीमारी के चलते वह वर्ष 2021 में घर से लापता हो गए थे और दर-दर की ठोकरें खा रहे थे। तब से स्वजन उन्हें हर जगह तलाश चुके थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं लग पाया था। अपना घर आश्रम के संचालक डॉ. निरंजन कुमार ने बताया कि दुलारचंद को फरवरी 2022 में कैंट स्टेशन से असहाय अवस्था में रेस्क्यू कर आश्रम लाया गया था। यहां पर उनकी देखभाल की गई व उनकी एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। लगातार सेवा व काउंसिलिंग के बाद उन्होंने अपने घर का पता सासाराम बताया। जिसके बाद अपना घर आश्रम की टीम ने वहां के थाने से संपर्क किया। थाने की मदद से उनके परिवार के लोगों से संपर्क किया गया। जिसके बाद शनिवार को दुलारचंद का उनके बेटे व पोते से उनका मार्मिक मिलन हुआ। इस दौरान सभी के आंखों से आंसू छलक पड़े।