कोई भी कलाकार अपनी अभिव्यक्ति के लिए स्वतंत्र है। मूर्तिकला विभाग के संबंधित शिक्षक ने प्रभुश्रीराम की तस्वीर में अपनी तस्वीर लगाकर लोकअभिव्यक्ति के भावों को इस फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया है। मेरी समझ से एक कलाकार के रुप में ऐसा चित्र बनाने के पीछे शिक्षक की कोई गलत मंशा नहीं है। छात्रों ने उनसे खुद मिलकर बात करने को कहा है।-प्रो. हीरालाल प्रजापति, संकाय प्रमुख, दृश्य कला संकाय