अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए टीडी कॉलेज ने राम मंदिर ट्रस्ट को 5 लाख 4,300 रुपये भेजे हैं। यह रकम शिक्षकों-कर्मचारियों से जुटाई गई है। उनके खाते से पैसे लेकर ट्रस्ट को भेजा गया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि सबकी सहमति से रकम भेजी गई है लेकिन धनराशि काटने से कुछ शिक्षकों-कर्मचारियों में असंतोष भी है।
कॉलेज प्रबंधन ने मंदिर निर्माण के लिए शिक्षकों के खाते से से 2500, लिपिकों से 1500 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से 800 रुपये काटे हैं। कॉलेज में 287 शिक्षक-कर्मचारी हैं। इसमें 141 स्थायी शिक्षक, 25 लिपिक, 16 लैब असिस्टेंट, 96 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तैनाती है। इनसे अगस्त के वेतन से पांच लाख 4 हजार 300 रुपये काटकर मंदिर ट्रस्ट को भेजे गए हैं।
कॉलेज प्रबंधन का यह दावा है कि सबकी सहमति से यह राशि ली गई है। मगर कुछ कर्मचारियों और शिक्षकों को कहना है कि उनको वेतन से कटौती की जानकारी तब हुई, जब उनके मोबाइल पर धनराशि काटने का मेसेज पहुंचा। एक शिक्षक ने फेसबुक पर लिखा है कि पैसे काटना जबरदस्ती और गैरकानूनी है।
इस बाबत कॉलेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने खुद 45 हजार रुपये मंदिर के लिए भेजे हैं। इसमें 25,700 रुपये उनके अपने हैं और 19,300 रुपये पीलीकोठी स्थित टीडी मॉडल स्कूल के शिक्षकों ने दिए हैं। कॉलेज के शिक्षकों-कर्मचारियों की सहमति पर ही पैसा भेजा गया है।
टीडी कॉलेज में तैनात शिक्षक, लिपिक और कर्मचारियों के खाते से धन की कटौती महाविद्यालय प्रबंधन के प्रस्ताव पर की गई है। उनकी ओर से कटौती के लिए तीन श्रेणी का प्रस्ताव मिला था। उसी के हिसाब से सभी खातों से पैसे काटे गए है।
नितिन कुमार, प्रबंधक एसबीआई शाखा टीडी कॉलेज जौनपुर।