सपा के विधान परिषद सदस्य शतरूद्र प्रकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर से स्मार्ट मीटर से जनता को आने वाली परेशानियों के बारे में बताया। एमएलसी ने कहा कि स्मार्ट -मीटर, नहीं बल्कि स्मार्ट -चीटर हैं। जीनस कंपनी द्वारा असेंबल किए गए इन स्मार्ट मीटरों के अंदर चीनी उपकरण (चाइनीज डिवाइसेस) लगे हैं।
मुख्यमंत्री से मांग की कि इन स्मार्ट चीटरों से निकले सभी बिजली बिलों को निरस्त किया जाए। बिजली मीटरों की खरीद विद्युत अधिनियम 2003 तथा उप्र विद्युत प्रदाय संहिता 2005 के अनुपालन में विद्युत उपभोक्ता के विवेक पर छोड़ दिया जाए। ताकि विद्युत निगम मीटर संबंधी समस्त जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाए।
एमएलसी ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से लगाए गए स्मार्ट मीटर से रीडिंग गड़बड़ आ रही है। इसके चलते बिजली बिल चार गुना आ रही है। इससे आम उपभोक्ता कुंठित और पीड़ित होते जा रहे हैं। जन्माष्टमी पर बिजली बिलों का भुगतान करने के बावजूद प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटरों का विद्युत विच्छेदन कर दिया गया था। कंपनी की चूक से त्यौहार पर अनेक घरों में अंधकार छा गया था।