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बीएचयू में छात्रों और शिक्षकों के बीच वार्ता बेनतीजा, विश्वनाथ मंदिर पर किया सदबुद्धि यज्ञ

Wed, 05 Dec 2018 10:03 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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यज्ञ करते छात्र - फोटो : amar ujala
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बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह को हटाने की मांग को लेकर केंद्रीय कार्यालय पर छठें दिन भी धरना जारी रहा। बुधवार को कुलपति के निर्देश के बाद विभिन्न विभागों के दस शिक्षक छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन छात्र चीफ प्रॉक्टर को हटाने के अलावा और कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए।
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वार्ता विफल होने के बाद शिक्षक वापस लौट गए और कुलपति को विस्तृत जानकारी दी। छात्रों की मांग थी कि प्रो. रोयाना सिंह को हटाने के बाद ही मामले की जांच कराई जाए।

वहीं केंद्रीय कार्यालय पर छह दिन तक धरने के बाद भी कुलपति द्वारा कोई कार्रवाई न करने से नाराज छात्रों ने बीएचयू विश्वनाथ मंदिर परिसर में सदबुद्धि यज्ञ किया। दोपहर करीब ढाई बजे मंदिर परिसर में छात्र पहुंचे और यज्ञ कुंड में हवन कर बाबा विश्वनाथ से कुलपति के सदबुद्धि की कामना की।
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छात्रों ने बताया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन (आईसा) बीएचयू इकाई ने भी कुलपति से मिलकर चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की।

 

आईसा की ओर से छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को हटाने, नर्सिंग की मान्यता न होने, मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के साथ चीफ प्रॉक्टर, सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट करने, फर्जी मुकदमें में छात्रों को फंसाकर निलंबन करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। 

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शिक्षक ने भी निकाली मन की भड़ास

केंद्रीय कार्यालय पर धरनारत छात्रों के साथ बातचीत करने गए शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के एक शिक्षक भी अपने को रोक नहीं सके और उन्होंने भी चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ अपने मन की भड़ास निकाली। सभी के सामने शिक्षक ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर का व्यवहार शिक्षकों के प्रति भी ठीक नहीं है। इस बारे में कुलपति से बात की जाएगी। अगर अन्याय सिद्ध होता है तो कार्रवाई करनी पड़ेगी।

उधर, धरनारत छात्रों से बातचीत करने पहुंचे शिक्षकों के दल ने जांच समिति गठित होने की जानकारी दी लेकिन छात्रों ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर के पद पर बने रहने पर जांच कराना न्याय संगत नहीं है। कुलपति को चाहिए कि चीफ प्रॉक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाएं और तब जांच कराएं। करीब आधे घंटे तक बातचीत के बाद जब कोई नतीजा नहीं निकला तो शिक्षक वापस हो गए।
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