शनिवार की रात को ही लग जाएगा सूतक :
ज्योतिषाचार्य दीपक मालवीय के अनुसार रविवार को होने वाले सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले यानी शनिवार की रात को 10 बजे से ही शुरू हो जाएगा जो कि ग्रहण के साथ दोपहर 2:30 पर खत्म होगा। इसलिए सुबह सामान्य स्नान करें। सुबह दान और पूजा-पाठ नहीं किए जा सकेंगे। लेकिन ग्रहण खत्म होने के बाद किए गए दान का विशेष महत्व रहेगा।
आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें :
- रविवार को ग्रहण शुरू होने पहले नहा लें। इसके बाद ग्रहण के दौरान पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजा-पाठ करें।
- ग्रहण के दौरान गाय के घी का दीपक लगाएं। श्रद्धा अनुसार दान का संकल्प लें।
- ग्रहण खत्म होने पर संकल्प के अनुसार चीजों का दान करें। इसके बाद गाय को हरी घास खिलाएं, कुत्तों और कौवों को रोटी खिलाएं।
- ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें।
- ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से नहाना चाहिए। ग्रंथों के अनुसार ऐसा करना जरूरी है।
- ग्रहण खत्म होने के बाद अमावस्या तिथि के दौरान गरीबों को भोजन करवा सकते हैं।
12 राशियों के अनुसार दान :
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के अनुसार इस बार सूर्यग्रहण होने से राशि अनुसार किए गए दान का विशेष महत्व रहेगा।
- मेष - लाल कपड़े, गेहूं और तिल का दान करना शुभ रहेगा। शीघ्र ही हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
- वृष - सूती कपड़ों का दान करें। जल, दूध और सफेद तिल का दान करना चाहिए।
- मिथुन - गाय को हरी घास खिलाएं। श्रद्धा अनुसार गणेश मंदिर में दान करें।
- कर्क - गंगाजल, दूध से बनी मिठाइयां और सफेद कपड़े दान करें।
- सिंह - लाल कपड़ा, कंबल या चादर का दान करें।
- कन्या - हरे मूंग, धान, कांसे के बर्तन या हरे कपड़ों का दान करें।
- तुला - किसी मंदिर में फल, रुई या घी का दान करें।
- वृश्चिक -भूमि, लाल वस्त्र, सोना, तांबा, केसर, कस्तूरी का दान करना चाहिए।
- धनु - मंदिर में हल्दी, चने की दाल का दान करें।
- मकर - कंबल और काले तिल का दान करें।
- कुंभ -तेल, तिल, नीले-काले कपड़े, ऊनी कपड़े और लोहे का दान करें।
- मीन - पीली चीजें, धर्मग्रंथ, शहद, भूमि, दूध देने वाली गाय, पीला चंदन, पीले कपड़े दान कर सकते हैं।