Varanasi News: नाइट विजन कैमरे नहीं होने से बड़ी दुर्घटनाओं का अंदेशा भी जताया जा रहा है। चोर भी ऐसे स्थानों पर निगाह रखते हैं और मौका मिलते ही अपराध को अंजाम देकर चले जाते हैं। वाराणसी शहर के प्रमुख चौराहों पर नाइट विजन कैमरों की ज्यादा जरूरत है।
शहर में करीब 35 हजार कैमरे लगाए गए हैं। यहां से सिटी कमांड सेंटर पूरे शहर पर नजर रखता है, लेकिन शहर में नाइट विजन कैमरा न होने से रात को निगरानी में परेशानी होती है। ऐसे में स्मार्ट सिटी काशी की रात की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था महादेव के भरोसे है।
विज्ञापन
शहर में 8 प्रमुख चौराहों पर नाइट विजन कैमरा होना चाहिए, लेकिन नहीं है। इससे यातायात पुलिस के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रात में निगरानी सही तरह से नहीं हो पा रही है। जिस कारण ऐसे स्थानों पर चोरी करने में चोरों को आसानी हो रही है। नाइट विजन कैमरा न होने से पुलिस उन चोरी की जल्द पहचान नहीं कर पाती। न ही समान जल्दी बरामद कर पा रही है।
सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर फेज-2 के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि जिन चौराहे पर प्रमुखता से नाइट विजन कैमरा होना चाहिए वहां नहीं है। अगर उस क्षेत्र में कोई घटना घट जाती है तो हम लोग रात को कुछ नहीं कर पाते, न ही जल्दी उसकी सहायता कर पाते हैं।
विज्ञापन
कोई अगर शिकायत भी लेकर आता है तो हम गाड़ी की पहचान तक नहीं कर पाते। बल्कि दूसरे चौराहे पर देखते हैं। ज्यादातर मामले में सही समय पर चोरों को नहीं पकड़ पाते। कई बार इसके लिए स्मार्ट सिटी को कहा जा चुका है, लेकिन वह इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
इन चौराहों पर नहीं हैं नाइज विजन कैमरे
बीएचयू, सिगरा चौराहा, मलदहिया, कैंट स्टेशन, मंडुवाडीह, काल भैरव मंदिर, लहुराबीर, चौकाघाट चौराहे पर नाइट विजन कैमरे नहीं हैं।