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BHU Hospital: बिना चीरा लगाए मूत्राशय के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, दावा- पूर्वांचल में पहली बार थुलियम फाइबर लेजर विधि से सर्जरी

Sat, 02 Jul 2022 06:28 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आईएमएस बीएचयू में यूरोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार अग्रवाल ने पूर्वांचल में पहली बार मूत्राशय के ट्यूमर का थुलियम फाइबर लेजर विधि से सफल सर्जरी का दावा किया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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आईएमएस बीएचयू के यूरोलॉजी विभाग में एक युवक की थुलियम फाइबर लेजर विधि से मूत्राशय के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.ललित कुमार अग्रवाल का दावा है कि पूर्वांचल में पहली बार इस विधि से सर्जरी की गई है। बिना चीरा लगाए होने वाली इस सर्जरी के बाद मरीज अगले दिन ही घर भी जा सकता है।

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यूरोलॉजी विभाग के डॉ. ललित कुमार अग्रवाल ने बताया कि वाराणसी जिले के ग्राम गांसा निवासी 38 वर्षीय युवक कुछ दिन पहले अस्पताल की ओपीडी में पेशाब में खून निकलने की समस्या लेकर आया। मरीज की जांच के बाद सर्जरी की सलाह दी गई। थुलियम फाइबर लेजर विधि से मूत्राशय के ट्यूमर को पूरी तरह से पेशाब के रास्ते निकाला गया, जिसे थूलेइबट कहते हैं।

थुलियम फाइबर लेजर विधि में रक्त स्त्राव बेहद कम
बताया कि सामान्य ऑपरेशन में ट्यूमर को टुकड़ों में काटकर पेशाब के रास्ते निकाला जाता है, लेकिन थूलेइबट विधि से ट्यूमर को एक ही टुकड़े में पूरी तरह से निकाला जाता है। इस विधि में रक्त स्त्राव कम होने के साथ-साथ एवं मूत्राशय फटने की संभावना भी कम होती है।

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यूरोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित कुमार अग्रवाल - फोटो : सोशल मीडिया।
साथ ही साथ सटीक निदान ट्यूमर रिस्टेजिंग एवं दीवार ऑपरेशन की जरूरत भी कम होती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस विधि से सर्जरी में तुलनात्मक रूप से खर्च भी कम होता है। बीएचयू अस्पताल में इस प्रकार के सफल ऑपरेशन के बाद अब मरीजों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों एवं महंगे व बडे़ शहरों में नहीं जाना होगा।
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