100 सालों में विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। विभाग में स्नातक कोर्स की शुरुआत 1923 में हुई। इसके पहले प्रमुख प्रो. नागरदास पुरुषोत्तम गांधी थे। परास्नातक और पीएचडी की शुरुआत 1955 में हुई। आईआईटी बीएचयू के मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के छात्र दुनिया में नाम कर रहे हैं। डॉ. पुलिकेल अजयेन (दो गिनीज रिकॉर्ड्स धारक और नैनोटेक्नोलॉजी में एक अग्रणी) और डॉ. दीप जरीवाला (विज्ञान में फोर्ब्स 30 अंडर 30), डॉ. सी. सूर्यनारायण, प्रधानमंत्री के पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. पल्ले रामाराव सभी इसी विभाग के पुरातन छात्र हैं।