कोरोना काल की वजह से यूपी बोर्ड के साथ ही सीबीएसई परीक्षा के पैटर्न कम होने का लाभ परीक्षार्थियों को मिलेगा। कोर्स कटौती होने से परीक्षा की तैयारियों का दबाव थोड़ा कम होगा, वहीं वैकल्पिक और विचारों पर आधारित सवालों की संख्या अधिक रह सकती है। इसका जवाब अगर छात्रों ने सही तरीके से दिया तो उन्हें अच्छे अंक पाने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
सीबीएसई ने इस बार दसवीं, बारहवीं के कोर्स में 30 प्रतिशत की कटौती की है। नए कोर्स के हिसाब से छात्रों की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। जिले के कई विद्यालयों में कोर्स पूरा होने का अंतिम दौर चल रहा है। परीक्षा को लेकर अभी तिथि तो तय नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक घोषणा हो सकती है।
हर विषयों से चार से पांच चैप्टर घटाए जा सकते हैं। नई व्यवस्था के मुताबिक 70 नंबर की लिखित और 30 नंबर के प्रैक्टिकल होंगे। इसके अलावा कोरोना काल की चुनौतियों को देखते हुए जितने चैप्टर की पढ़ाई हो रही है, उसी के आधार पर पेपर भी तैयार कराए जाएंगे, जिससे छात्रों को कोई परेशानी न हो। सीबीएसई की ओर से इस बार की परीक्षा के पेपर में वैकल्पिक (आब्जेक्टिव) प्रश्नों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। आम तौर पर एक नंबर के दस वैकल्पिक सवाल पूछे जाते हैं।
सीबीएसई ने 30 प्रतिशत कोर्स कम कर दिया है। उसी आधार पर छात्रों की पढ़ाई चल रही है। माना जा रहा है कि इस बार वैकल्पिक के साथ ही एप्लीकेशन बेस्ड प्रश्न अधिक होंगे। फिजिक्स, मैथ एप्लीकेशन बेस्ड सवाल रहते हैं। इससे छात्रों को राहत होगी।
गुरमीत कौर, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई