बीएचयू केंद्रीय कार्यालय के बाहर छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण को लेकर धरना देते छात्र।
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बीएचयू के छात्रावासों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को केंद्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी यदि कुलपति ने जल्द ही आरक्षण पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
ओबीसी, एससी, एसटी संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को दोपहर पहुंचे छात्रों ने कहा कि इसके पहले तीन फरवरी 2020 को भी छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण को लेकर ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद 2021 में भी 8 दिसंबर, 20 दिसंबर को कुलपति को पत्र दिया गया। इसके बाद 29 दिसंबर को एक समिति का गठन भी हुआ।
छात्र अधिष्ठाता प्रो. केके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कॉपरी से बातचीत में जल्द कार्यवाही की मांग छात्रों ने रखी। इस दौरान राघव साहनी, रविशंकर सिंह पटेल, केतन पटेल, सुजीत यादव, दीपक कुमार, विवेक यादव, साकेत कुशवाहा, अजय कुमार भारती आदि मौजूद रहे।
छात्रों ने की विश्वविद्यालय खोलने की मांग
नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं के शुरू होने के बाद अब छात्रों ने बीएचयू को खोले जाने की मांग की है। सोमवार को विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पर इसके लिए छात्रों ने प्रदर्शन किया।
कुलपति से मिलने पर अड़े छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से नोंकझोंक भी हुई। इसके बाद छात्रों ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता, चीफ प्रॉक्टर को सौंपा।
इसमें विश्वविद्यालय खोले जाने के साथ ही यहां जल्द से जल्द ऑफलाइन कक्षाएं चलवाए जाने की भी मांग की। भगत सिंह छात्र मोर्चा के आह्वान पर केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उमेश, नीरज, आकांक्षा, इप्शिता, राहुल, आशुतोष, संगीता आदि मौजूद रहे।