वाराणसी की सड़कों पर कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। यह कुत्ते राह चलते लोगों को कब अपना शिकार बना दें यह कोई नहीं जानता। इनकी बढ़ती संख्या को देखकर नगर निगम ने एक अभियान की शुरुआत की है।
वाराणसी की सड़कों पर कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। यह कुत्ते राह चलते लोगों को कब अपना शिकार बना दें यह कोई नहीं जानता। इनकी बढ़ती संख्या को देखकर नगर निगम ने कुत्तों का बंध्याकरण शुरू कर दिया है।
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नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम इनका बंध्याकरण यानी नसबंदी कर रहा है। इसके लिए कार्यदाई संस्था को एक साल में 5000 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। कार्यदाई संस्था की पांच सदस्यीय एक टीम इस काम को कर रही है।
सड़क पर कुत्तों का इतना आतंक है कि इनके चलते आए दिन रोड ऐक्सिडेंट होते रहते हैं। इसके अलावा यह कुत्तों चलती गाड़ियों पर भी हमला कर देते हैं, जिससे कभी कभी लोग गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हैं। इन डॉग बाइट के मामले बढ़ने से अस्पतालों में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है।