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काका गिरोह का गुर्गा गिरफ्तार: एसटीएफ ने मऊ से 25 हजार के इनामी बदमाश को दबोचा, गंभीर आरोपों में दर्ज हैं 29 मुकदमे

Wed, 19 Jan 2022 10:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जेल में बंद रमेश सिंह काका के खास गुर्गे अरविंद सिंह पर पंचायत चुनाव के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। एसटीएफ वाराणसी इकाई ने बुधवार अरविंद सिंह को मऊ से गिरफ्तार कर लिया। 
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काका गिरोह का गुर्गा अरविंद सिंह - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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एसटीएफ ने बुधवार को 25 हजार इनामी बदमाश अरविंद सिंह को सरायलखंसी थाना स्थित बढु़आगोदाम के पास से गिरफ्तार किया। पूर्वांचल के बदमाश रमेश सिंह काका के खास गुर्गे अरविंद सिंह पर पंचायत चुनाव के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। एसटीएफ के अनुसार अरविंद पर हत्या, हत्या के प्रयास सहित 29 मुकदमे दर्ज हैं।

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वाराणसी, मऊ और जौनपुर में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है।  एसटीएफ वाराणसी निरीक्षक पुनीत परिहार के अनुसार बीते ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान सरायलखंसी थाना अंतर्गत पखईपुर निवासी अरविंद सिंह के ऊपर सरायलखंसी थाने में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज था।

वांछित अरविंद पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पूछताछ के दौरान अरविंद ने बताया कि  उसके गांव के बगल का ही रमेश सिंह उर्फ काका रहने वाला है, उसके संपर्क में आकर मऊ, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर में कई घटनाओं को अंजाम दिया।
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ब्लाक प्रमुख चुनाव में रमेश सिंह उर्फ काका द्वारा समर्थित मऊ के परदहा ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी को जिताने को लेकर दूसरे प्रत्याशी से विवाद हो गया था, जिसमें सरायलखन्सी थाने में मुकदमा दर्ज था और इसी में गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई, जिसमें फरार चल रहा था।

  रमेश सिंह काका के इशारे पर करता रहा वारदात

पूछताछ के दौरान बताया कि 2007 में रमेश सिंह काका के इशारे पर आपसी रंजिश के कारण गाजीपुर थाना दुल्ल्हपुर स्थित जसड़ा निवासी अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव का अपहरण कर हत्या कर दिया था। जेल से छूटकर आने के बाद जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र कुमार से विवाद हो गया था, जिसमें थाना कोतवाली मऊ में एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था।

वर्ष 2009 में जनपद मऊ के कृषि अनुसंधान केन्द्र कुसमौर के निदेशक से रमेश सिंह उर्फ काका और हम लोगों का विवाद हो गया था। इसमें रमेश सिंह उर्फ काका पर रासुका लगा और इसमें हम लोग फिर से जेल चले गए।
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इसके बाद जमानत पर छूटकर आने के बाद रमेश सिंह उर्फ काका के कहने पर जनपद जौनपुर का अपराधी राहुल राजपूत हम लोगों के साथ रहने लगा। राहुल राजपूत और हम लोगों द्वारा कई व्यापारियों को धमका कर रंगदारी वसूलने का काम किया जा रहा था कि इसी दौरान मुझे और राहुल राजपूत को जौनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 
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