हर छोटी-बड़ी बारीकियों का ध्यान। चेहरे पर अदम्य उत्साह और आत्म विश्वास से भरपूर कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया ने मंगलवार को सधे अंदाज में विश्व रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ाया। शाम छह बजे तक उसने चौबीस घंटे बिना रुके नृत्य करने का सफर पूरा किया। नृत्य के दौरान उसने नाश्ते में कॉफी-ब्रेड और भोजन में दलिया ली। काशी की इस कथक नृत्यांगना ने बिना रुके लगातार नृत्य के विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए इस बार हर जतन शुरू कर दिए हैं।
विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए नृत्य के सफर में बढ़ी सोनी ने मंगलवार को हल्के खानपान का पूरा ध्यान रखा, ताकि थकान महसूस न होने पाए। चौबीस घंटे में ही उसने खाने, पीने, परिधान बदलने के लिए निर्धारित तीन ब्रेक में 60 मिनट बचा लिए। मोहन सराय स्थित माउंट लिट्रा स्कूल में बने मंच पर जिला प्रशासन की साक्ष्य टीम की मौजूदगी में सोमवार की शाम छह बजे वह मंच पर उतरी थी।
रात दो बजे आठ घंटा पूरे होने पर उसने 10 मिनट का ब्रेक लिया। इस अवधि में गिनीज बुक के मानक के अनुसार वह 40 मिनट का ब्रेक ले सकती थी लेकिन उसने 30 मिनट बचा लिए। दोबारा रात 2:10 बजे वह मंच पर आई और फिर लगातार आठ घंटे तक नृत्य करने के बाद 10:10 बजे सुबह उसने ठहराव लिया। 20 मिनट में तैयार हुई और परिधान बदले। इस बार भी 40 मिनट मिलना था लेकिन 20 मिनट बचा लिया।
10:30 पर उसने फिर नृत्य शुरू किया और छह घंटे बाद शाम 4:30 बजे छह घंटा पूरा होने पर ठहराव लिया। इस बार भी उसने 20 मिनट आराम किया और योग गुरु के अलावा अपने नृत्य गुरु राजेश डोगरा से कुछ बातें कीं। इस बार भी उसने 10 मिनट बचा लिया। 22 घंटे के नृत्य के सफर में सोनी ने एक घंटा अपने लिए बचा लिया है। हर एक घंटे पर पांच मिनट आराम के लिए समय निर्धारित है। केरल के त्रिचूर की नृत्यांगना हेमलता कमंडलु के 123 घंटा 10 मिनट तक बिना रुके नृत्य करने के विश्व रिकार्ड को तोड़ने के लिए सोनी का मंच पर यह अभियान जारी है।