समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में राज्य निर्वाचन आयुक्त
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निकाय चुनाव के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने रविवार को यहां वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के कानून व्यवस्था की समीक्षा की। तीनों मंडलों में उन्होंने निकाय चुनाव की तैयारियां भी परखीं।
सभी डीएम और एसएसपी को निर्देश दिए कि सिर्फ छोटे अपराधियों पर नहीं, बड़े अपराधियों पर भी शिकंजा कसें। चुनाव से पहले अभियान चलाकर गुंडा-माफिया को जेल भेजा जाए।
संवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। जिन शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में होगी, उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा।
सर्किट हाउस में करीब तीन घंटे तक समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि कानून व्यवस्था में पहले से सुधार है लेकिन कुछ जिलों में और काम करने की जरूरत है।
वाराणसी, बलिया, आजमगढ़ और गाजीपुर की स्थिति जोन के अन्य जिलों की तुलना में ठीक नहीं है। इन जिलों के डीएम और एसएसपी को खासतौर से हिदायत दी गई है कि वे अभियान चलाकर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें।
पेशेवर अपराधियों और सांप्रदायिक और जातीय हिंसा फैलाने वालों को चिह्नित कर उन्हें जेल भेजें। ऐसे बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलने को कहा गया है। अदालत से वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाए।