काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि जीती-जागती परंपराओं, लोकविश्वासों और अनकही विरासतों का संगम है। यहां घर छत से बनते हैं, देवता दिनभर विचरण करते हैं और रोगों का इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं-दर्शन से भी होता है। गलियों में द्वारपाल की तरह स्थापित जीवंत भक्त हों या कार्तिक मास में मणिकर्णिका की अनोखी रामलीला हर परंपरा काशी को असाधारण बनाती है।