मिर्जापुर के पुतली घर में आयोजित सामुहिक विवाह में शामिल होने आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने की सपाइयों की कोशिश नाकाम हो गई। भनक लगते ही कटरा कोतवाली में तैनात निरीक्षक योगेश यादव फोर्स के साथ पहुंचे और सपा नेता अभय यादव समेत दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि अन्य सपाई पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे।
यहीं नहीं पुलिस जो भी काला कपड़ा पहनकर वहां जा रहा था उसका कपड़ा उतरवा दे रहे थे। यहां तक एक अधिवक्ता का काला कोट तक उतरवा दिया। अधिवक्ता ने कहा कि वह कोर्ट से सीधे कार्यक्रम में सीएम के भाषणों को सुनने आया है न कि उनको काला झंडा दिखाने के लिए आया।
अधिवक्ता शोर मचाता रहा लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और उसका कोट उतरवा दिया। जिसको लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मंगलवार की दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर में आयोजित सामुहिक विवाह के कार्यक्रम में शामिल होने की खबर लगते ही सपाजनों ने उनको काला झंडा दिखाकर अपना विरोध जताने का निर्णय लिया।
समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष अभय यादव के नेतृत्व में सपाई सीएम को काला झंडा दिखाने के लिए निकल पड़े। दोपहर करीब एक बजे सपा नेता भारी संख्या में पुतलीघर पहुंचे और सीएम के आने का इंतजार करने लगे।
सपाजनों द्वारा सीएम को काला झंडा दिखाने की खबर लगते ही पुलिस मकहमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने तत्काल कटरा कोतवाली पुलिस को काला झंडा दिखाने का प्रयास करने वालों को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।
एसपी के निर्देश पर निरीक्षक योगेश यादव फोर्स के साथ पहुंचे और सपा नेता अभय यादव, लल्लू शुक्ला लक्ष्मण यादव, उपेंद्र तिवारी, चंदन यादव, मुश्ताक अहमद, खालिद समीर, पीयूष यादव, जयमंगल यादव और रितेश तिवारी को गिरफ़्तार कर लिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी को निजी मुचकले पर शाम छह बजे छोड़ दिया गया। मौके से एक काला झंडा झंडा बरामद किया गया है।