पिंडरा विधानसभा के चनौली और मानापुर गांवों में प्रस्तावित काशीद्वार भूमि विकास गृहस्थान एवं बाजार योजना को लेकर छिड़ा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों से मुलाकात की। सपा नेताओं ने कहा कि वे किसानों की जमीन के जबरन अधिग्रहण और पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सामने अपना दुखड़ा सुनाते हुए किसानों ने बताया कि क्षेत्र के 10 गांवों की लगभग 800 एकड़ उपजाऊ जमीन को अधिग्रहित करने की योजना है। किसानों का आरोप है कि सरकार न केवल बहुत कम मुआवजा दे रही है, बल्कि उनकी जमीनों की रजिस्ट्री पर भी रोक लगा दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले ही हवाई अड्डे, संकुल और सीआरपीएफ कैंप के नाम पर उनकी अधिकांश जमीनें ली जा चुकी हैं। अब जो थोड़ी-बहुत जमीन बची है, वह उनके जीविकोपार्जन का एकमात्र सहारा है और वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं देंगे।
मौके पर मौजूद चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए वर्तमान सरकार को किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने तत्काल वहीं से वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को फोन लगाया और किसानों के साथ हो रहे कथित पुलिसिया उत्पीड़न पर कड़ी आपत्ति जताई। सांसद के हस्तक्षेप के बाद, जिलाधिकारी ने रविवार को सपा प्रतिनिधिमंडल और किसानों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया है।
इस दौरान चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह के साथ मछली शहर सांसद प्रिया सरोज, विधायक व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, स्नातक MLC आशुतोष सिन्हा, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव (लक्कड़ पहलवान) और महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव सहित कई नेता शामिल रहे।