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घोसी उपचुनाव: खारिज हो सकता है सुधाकर का सपा पार्टी से नामांकन, बड़ी वजह आ रही सामने

Mon, 30 Sep 2019 06:03 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
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नामांकन करते सुधाकर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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मऊ जिले की घोसी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में सपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतरे सुधाकर सिंह का नामांकन फॉर्म स्कूटनिंग में निरस्त हो सकता है। क्योंकि दाखिल नामांकन पत्र  किसी संलग्न फार्म एबी के बी पार्ट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के हस्ताक्षर नहीं हैं। घोसी विधानसभा के रिटर्निंग अफसर विजय मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताई है। इसके बाद सपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक सुधाकर सिंह ने एहतियातन निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा भर दिया।

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बताते चलें घोसी विधानसभा के भाजपा विधायक फागू चौहान के राज्यपाल बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इसके चलते यहां पर उपचुनाव हो रहा। 23 सितंबर से शुरू हुए नामांकन का आखिरी दिन 30 सितंबर को सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

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यहां पर नामांकन पत्र दाखिल कर वह चेक लिस्ट लेकर वापस लौट रहे थे, इस बीच उन्हें फोन करके रिटर्निग अफसर (निर्वाचन अधिकारी) विजय मिश्र ने बुलाया, रिटर्निंग अफसर ने प्रत्याशी को बताया कि पार्टी के द्वारा जारी फार्म एबी में से बी पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का हस्ताक्षर नहीं है। इस पर सपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने पार्टी कार्यालय लखनऊ बात की।

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इस दौरान पार्टी से हस्ताक्षर युक्त फार्म बी जारी किया गया। लेकिन व्हाट्सएप और मेल पर आए फार्म बी को रिटर्निंग अफसर ने अस्वीकार कर दिया, इस दौरान प्रत्याशी और प्रशासन के बीच   काफी बहस हुई।

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इसके बाद भी जब रिटर्निंग अफसर ने डुप्लीकेट फॉर्म बी स्वीकार करने से मना किया तो सपा प्रत्याशी ने आनन-फानन में निर्दल ही पर्चा दाखिल किया। बात करने पर जिला अधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सपा प्रत्याशी द्वारा दाखिल किए गए फार्म बी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्ताक्षर नहीं था। इसके चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। सुधाकर सिंह ने इस समस्या को समझते हुए निर्दल फार्म भर दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।।
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