वाराणसी। पिंडरा तहसील में जल्द ही ग्राम न्यायालय बनेगा। क्षेत्र के छोटे विवाद यहीं हल किए जा सकेंगे। वादकारियों को दीवानी न्यायालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। यह बातें जिला जज ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बुधवार को पिंडरा तहसील के निरीक्षण के दौरान कहीं।
ग्राम न्यायालय के अस्थायी भवन का निरीक्षण करने के बाद जिला जज ने दीवारों और छतों पर सीलन देखकर इंजीनियर को दुरुस्त करने और साफ-सफाई को बेहतर करने का निर्देश दिया। मुख्य प्रशासनिक भवन के पीछे पूर्व में तहसील कार्य के लिए बने तीन कक्षीय अस्थायी ग्राम न्यायालय भवन को भी देखा। आधे घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान कोर्ट, विश्राम कक्ष, कार्यालय कक्ष का निरीक्षण किया। बार अध्यक्ष जवाहर लाल वर्मा और महामंत्री कमलकांत राय से तहसील की समस्याओं के बाबत पूछा। इस पर उन्होंने मुंसफ मजिस्ट्रेट न्यायालय की स्थापना की मांग की। पूर्व बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह ने तहसील के बगल में चिह्नित ग्राम न्यायालय की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। जिला जज ने कहा कि ग्राम न्यायालय जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय को रिपोर्ट भेज दी जाएगी और फर्नीचर की व्यवस्था होते ही न्यायालय शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि पिंडरा तहसील में ग्राम न्यायालय शुरू होने की कवायद वर्ष 2016 से चल रही है, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाई। निरीक्षण के दौरान एडीजे प्रथम राजेंद्र कुमार तिवारी, एसडीएम गिरीश कुमार द्विवेदी, एसडीएम न्यायिक मनोज पाठक, तहसीलदार रामनाथ, नायब तहसीलदार साक्षी राय, कोर्ट मैनेजर अश्वनी आनंद और केंद्रीय नाजिर प्रशासनिक अरविंद सिंह आदि रहे।