यूपी के भदोही में शहीद का दर्जा न दिए जाने पर घर वालों ने छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स के जवान वकील बिंद का शव लेने से इनकार कर दिया। शनिवार देर रात तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठ गए। एसडीएम ज्ञानपुर अमृता सिंह समेत सीएएफ के आला अधिकारियों ने परिवार वालों को समझाया लेकिन वह नहीं माने।
मदनपुर गांव निवासी वकील बिंद का शव तीन दिन पहले छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सड़क के किनारे मिला था। दो दिनों तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उसकी नक्सलियों ने हत्या की या दुर्घटना में मौत हुई। शनिवार शाम को सड़क मार्ग से होते हुए एंबुलेंस से जवान का शव मदनपुर गांव पहुंचा।
शव आने की खबर लगते ही आसपास के कई गांव के लोग वहां पहुंच गए। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, राजितराम यादव समेत कई दलों के लोग भी मौके पर पहुंचे। मृत जवान के परिजन और ग्रामीणों ने शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर शाम साढ़े सात बजे से धरना शुरू कर दिया।
एसडीएम अमृता सिंह मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास करती रहीं लेकिन परिवार वाले नहीं माने। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि दो दिन तक उनके घर कोई नहीं आया अब सभी लोग आ रहे हैं। एसडीएम अमृता सिंह ने कहा कि आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।