Varanasi News: अदालत में परीक्षण के दौरान गवाहों ने बताया कि रामसेवक पटेल का रीता देवी से अवैध संबंध था। उसे पंचदेव की मां ने देख लिया था और अपने पति से पूरी बात साझा की। इस पर पंचदेव के पिता ने रामसेवक को फटकार लगाई थी। रामसेवक ने धमकी दी थी की तुम्हारी पांच लड़कियां और इकलौता लड़का है। घर के उस चिराग को मैं बुझा दूंगा।
पांच बहनों के इकलौते भाई पंचदेव की हत्या के छह साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) डॉ. दीनानाथ ने महिला समेत दो अभियुक्तों को दोषी पाया है। अदालत ने रामसेवक पटेल व रीता देवी को उम्रकैद और 53-53 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इस धनराशि में से 25 फीसदी राशि पंचदेव की मां कमला और पिता नंदलाल को पुत्र के वियोग में हुई मानसिक क्षति के प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया है।
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अदालत में गवाहों का यह बयान महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिसमें अभियुक्त रामसेवक ने धमकी दी थी कि तुम्हारे कुल का नाश कर चिराग बुझा देंगे। इस वारदात में रीता की नाबालिग पुत्री और नाबालिग पुत्र भी शामिल थे। दोनों का मामला न्यायालय में है। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता रोहित मौर्य और पंचदेव के चचेरे भाई सुभाष पटेल के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने 118 पेज का फैसला सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार छताव, हमीरापुर गांव निवासी सुभाष पटेल ने 9 फरवरी 2018 को चोलापुर थाने में तहरीर दी। पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई पंचदेव पटेल आठ फरवरी को गांव के अंतू पटेल के यहां तेरही की व्यवस्था में लगा रहा।
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रात में उसके मोबाइल पर कॉल आया। वह बात करते हुए कहीं चला गया और रात में वापस नहीं आया। सुबह उसके नंबर पर कॉल करने पर मोबाइल बंद मिला। खोजबीन करने पर पंचदेव हंसराज के खेत में मुंह के बल मृत पड़ा मिला। विवेचना के दौरान पलहीपट्टी के पास घेरे बंदी कर राम सेवक पटेल और रीता देवी को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर पंचदेव का मोबाइल बरामद किया गया।