मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 दिसंबर 1955 को ग्राम उम्भा व सपही की कुल 125 गाटा रकबा 1297-10-0 बीघा भूमि को आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी के नाम दर्ज किया गया। यह आदेश पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत होता है। यह गहन जांच का विषय है।
इसके साथ ही एसडीएम रॉबर्ट्सगंज के आदेश पर 6 सितंबर 1989 को और सहायक अभिलेख अधिकारी, ओबरा (सोनभद्र) द्वारा 27 फरवरी 2017 को पारित नामांतरण आदेश की जांच भी जरूरी है। उस समय (1989) भी कांग्रेस की सरकार थी।
प्रधान पक्ष ने जुलाई 2017 में खरीद ली थी जमीन
सीएम योगी ने कहा कि जांच में समिति को पता लगा है कि पीड़ित पक्ष विवादित भूमि पर लंबे समय से खेती करता आ रहा है, लेकिन राजस्व अभिलेखों में इनका नाम दर्ज नहीं है।
पीड़ित पक्ष कई वर्षों से खेती करने के एवज में उन लोगों को प्रति वर्ष कुछ धनराशि देता था, जिनके नाम जमीन दर्ज थी। प्रधान पक्ष ने 17 जुलाई 2017 को भूमि खरीद ली थी। इसके बाद से पीड़ित पक्ष ने प्रतिफल देना बंद कर दिया था। घटना की छानबीन से स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान यज्ञदत्त कई व्यक्तियों के साथ जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंचा था।
पीड़ित पक्ष ने विरोध किया तो प्रधान पक्ष की ओर से अंधाधुंध फायरिंग की गई। पुलिस ने अब तक 29 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक लाइसेंसी सिंगल बैरल गन, एक राइफल और तीन डबल बैरल गन सहित 6 ट्रैक्टरों की बरामदगी की जा चुकी है।
विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने सोनभद्र का मामला उठाते हुए बोलना शुरू किया। तभी संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस घटना पर नेता सदन (मुख्यमंत्री) जानकारी देना चाहते हैं। इस पर राम गोविंद और बसपा नेता लालजी वर्मा ने कहा कि अभी उन्होंने अपनी बात नहीं रखी है।
उनका पक्ष सुनने के बाद ही नेता सदन जवाब दें, यही सदन की परंपरा है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि नेता सदन व नेता प्रतिपक्ष खड़े हों तो पहले नेता सदन का सम्मान किया जाता है।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने बोलना शुरू कर दिया। इस पर विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गए। सपा सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे लिखे प्ले कार्ड्स दिखाते हुए नारे लगाने प्रारंभ कर दिए।
बाद में सपा व कांग्रेस के सदस्य वेल में आ गए। विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ितों के प्रति सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार इस मामले में तत्परता से कार्रवाई कर रही है, सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।
अयोध्या के डिप्टी कलेक्टर सोनभद्र भेजे गए
राज्य सरकार ने सोनभद्र कांड में शुक्रवार को घोरावल के एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी व क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह के निलंबन के आदेश जारी करने के बाद अयोध्या में डिप्टी कलेक्टर प्रकाश चंद्र का स्थानांतरण इसी पद पर सोनभद्र कर दिया गया है।